1. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के आरंभ में,एनएसएफडीसी राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों के लिए संबंधित राज्य/संघ-राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा प्रतिनिधित्व की गई देश की अनुसूचित जाति जनसंख्या के अनुपात में निधियों का नोशनल आवंटन करेगा। बदले में,राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों से इसी सिद्धांत के अनुसार जिले-वार निधियों का नोशनल आवंटन करना अपेक्षित है।

2. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए वास्तविक आवंटन की तुलना में नोशनल आवंटन की दिनांक 31 अगस्त की स्थिति के अनुसार, उस वर्ष के 15 सितंबर से पहलेएनएसएफडीसी द्वारा समीक्षा की जाएगी तथा यदि किसीराज्य चैनलाइजिंग एजेंसी द्वारा आबंटित निधियों का उपयोग नहीं किया गया हो तो उसराज्य चैनलाइजिंग एजेंसीके लिए चिन्हित निधियां अन्य राज्य (राज्यों)/संघ राज्य क्षेत्र (क्षेत्रों) कीराज्य चैनलाइजिंग एजेंसी(एजेंसियों) को पुनः आवंटित की जा सकती हैं।

3.वित्तीय वर्ष 2016-17 से, नोशनल आवंटन का 20% क्लस्टर विकास के लिए अलग से रखा जाएगा। क्लस्टर विकास के लक्ष्यों की तिमाही समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक तिमाही की समाप्ति के पश्चात, अगले महीने की 10 तारीख तक समीक्षा की जाएगी और क्लस्टर विकास के लिए तिमाही आवंटन का अप्रयुक्त भाग, प्रुडेंसियल मानदंडों को पूरा करने पर क्लस्टर विकास के लिए अच्छा कार्य प्रदर्शन करने वाले उन चैनल भागीदारों को हस्तांतरित कार दिया जाएगा जो उस राशि को लेने के लिए इच्छुक हैं। केवल असाधारण परिस्थियों में क्लस्टर विकास हेतु नोशनल आवंटन को, एससीए को अन्य उद्देश्यों के लिए प्रयोग की अनुमति दी जाएगी।

4. मियादी ऋण हेतु इकाई लागत
क्र. सं.
इकाई लागत
नोशनल आबंटन का प्रतिशत
(क) रु.0.50 लाख तक की परियोजना लागत के लिए 30%
(ख) रु.0.50 लाख से अधिक तथा रु.1.00 लाख तक की परियोजना लागत के लिए 30%
(ग) रु.1.00 लाख से अधिक तथा रु.5.00 लाख तक की परियोजना लागत के लिए 30%
(घ) 5.00 लाख से अधिक तथा रु.10.00 लाख तक की परियोजना लागत के लिए 5% 5%
(ङ) रु.10.00 लाख से अधिक तथा रु.30.00 लाख तक की परियोजना लागत के लिए 5% 5%
5. टिप्पणी:

वित्त वर्ष के आरंभ में राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों को निधियों के नोशनल आबंटन के समय, कार्य योजना की प्राप्ति के बाद, निर्धारित अनुपात में रु.1.00 लाख तक की परियोजना लागत प्रत्येक राज्यचैनलाइजिंग एजेंसी को रु.1.00 लाख तक की परियोजनाओं के लिए नोशनल आबंटन के 50% के बराबर की निधि, अग्रिम में राज्यचैनलाइजिंग एजेंसियों को निर्मुक्त की जाएगी। राज्यचैनलाइजिंग एजेंसियों कोएनएसएफडीसी द्वारा उसकी निर्मुक्ति के 120 दिनों के अंदर इन निधियों का उपयोग प्रस्तुत करना होगा।

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक राज्य चैनलाइजिंग एजें‍सी के लिए लघु ऋण वित्त (एमसीएफ) और महिला समृद्धि योजना (एमएसवाई) के लिए अलग से किए गए नोशनल आबंटन के 50% को इन योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु कार्य योजना की प्राप्ति पर अग्रिम में निर्मुक्ति भी किया जाएगा जिसका संवितरण की तारीख से 120 दिनों के अंदर उपयोग करना होता है।

3. राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों को इन निधियों की निर्मुक्ति प्रुडेंसियल मानदंडों को पूरा करने पर किया जाएगा। ये मानदंड हैं- (क) पर्याप्त सरकारी गारंटी/बैंक गारंटी (ख) पूर्ववर्ती वित्त वर्ष के अंत तक अतिदेय राशि की अदायगी एक वर्ष से अधिक बकाया नहीं होना चाहिए। (ग) पूर्ववर्ती माह के अंत तक, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में संवितरित निधियों का न्यूनतम 80% संचयी उपयोग स्तर होना चाहिए। (घ) वर्तमान वित्तीय वर्ष को छोड़कर, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में संवितरित कोई भी निधि अप्रयुक्त नहीं होनी चाहिए।

6. सामाजिक प्राथमिकताऍं

इसके अलावा, नीचे दी गई प्राथमिकताओं के अनुसारराज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों द्वारा लक्ष्य समूह को शामिल करने की कोशिश करने की अपेक्षा की जाती है:
शिक्षित बेरोजगार/अल्प रोजगार प्राप्त 50%
महिलाएं 40%
अन्य 10%

7. क्षेत्रीय प्राथमिकताएँ

राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों से नीचे दी गई प्रतिशतता के अनुसार क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को हासिल करने का प्रयास करने की अपेक्षा की जाती है:
क्षेत्रीय आबंटन
कृषि एवं संबंधित क्षेत्र - 50%
सेवा क्षेत्र - 40%
उद्योग क्षेत्र-10%

8. सुरक्षा
एससीए , उनको मंजूर निधियों के लिए एनएसएफडीसी को सरकारी गारंटी/बैंक गारंटी (अधिमान्यतः ब्लॉक गारंटी के रूप में) प्रदान करेंगे।
संशोधित: Ratikanta Jena (ratikantajena2005@yahoo.co.in)
दिनांक: 03 November, 2016