प्रश्‍न(1) एनएसएफडीसी क्या है?
उत्‍तर एनएसएफडीसी सेआशय है नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्‌स फाइनेंस एंड डेवलपमेंटकॉर्पोरेशन। इसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंर्तगत8फरवरी, 1989को कंपनीअधिनियम,2013 की धारा-8 (पूर्व में कंपनीअधिनियम,1956 की धारा-25) के अधीन लाभ निरपेक्ष कंपनी के रूप में की गई।
प्रश्‍न(2)

एनएसएफडीसी का पता क्या है?

उत्‍तर

एनएसएफडीसी का प्रधान कार्यालय दिल्ली में है। इसका पूरा पता तथा संपर्क नंबर निम्नलिखित है :-
नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्‌स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कार्पोरेशन,
14वीं मंजिल, स्कोप मीनार, कोर 1 व 2, लक्ष्मी नगर, दिल्ली - 110 092
फोन: 011-22054392, 22054394, 22054396.
फैक्स:011-22054395 ई-मेल:support-nsfdc[at]nic[dot]in
वेबसाइट: www.nsfdc.nic.in
इसके तीन आँचलिककार्यालय मुंबई, कोलकाताऔर बैंगलूरू में स्थित हैं।

प्रश्‍न(3)

इसकी स्थापना क्यों की गई?

उत्‍तर

इसकी स्थापना गरीबी रेखा के दुगने से कम परजीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति केपरिवारों के व्यक्तियों के योजनाबद्ध तरीके से कौशल उन्नयन सहित आर्थिक सशक्तिकरण के लिए वित्त पोषित करने हेतु की गई थी ।

प्रश्‍न(4)

इसका मिशनक्या है?

उत्‍तर

अधिदेश (मि‍शन):वित्‍तीय सहायता के प्रवाह में सुधार और कौशल विकास एवं अन्‍य नवीन पहलों के माध्‍यम से अनुसूचित जातियों की समृद्धि को बढ़ाने में सहायता करना।

प्रश्‍न(5)

एनएसएफडीसी का मुख्य उद्देश क्या है?

उत्‍तर

एनएसएफडीसी का मुख्य उद्देश गरीबी रेखा के दुगने से नीचे रहने वाले अनुसूचित जाति के परिवारों के व्यक्तियों के आर्थिकसशक्तिकरण के लिए उन्हें वित्त पोषित करना, ऋण की सुविधा देना और उनके लिए निधियाँ जुटाना है।

प्रश्‍न(6)

क्या एनएसएफडीसी सभी अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध कराता है?

उत्‍तर

जी नहीं, एनएसएफडीसी केवल आर्थिक दृष्टि से गरीब अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को ऋण उपलब्ध कराता है अर्थात्‌ अनुसूचित जाति के व्यक्ति जिनकी वर्तमान में वार्षिक पारिवारिक आय गरीबी सीमा रेखा की दुगनी आय सीमा(डीपीएल) वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रुपए98,000/- वार्षिक एवं शहरी क्षेत्रों के लिए रुपए 1,20,000/-वार्षिकसेअधिक नहीं होनी चाहिए।

प्रश्‍न(7)

क्या ऋण पाने की योग्यता केवल जाति एवं आर्थिक स्थिति पर आधारित है?

उत्‍तर

जी हाँ,परंतु जाति एवं आर्थिक स्थिति के अलावा आवेदकों का किसी व्यवसाय में व्यावहारिक अनुभव या संबंधित क्षेत्र में कौशल एवं उद्यमिकक्षमता का होना भी जरूरी है ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वककरसकें।

प्रश्‍न(8)

क्या ऋण योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है?

उत्‍तर

जी हाँ, एनएसएफडीसी द्वारा अनुसूचित जाति की जनसंख्या के आधार पर नोशनलरूप से आबंटितनिधियों मेंसे लाभार्थियों की कुल संख्या और कुल वित्तीय राशि इन दोनों शीर्षों में महिलाओं के लिए40%रखा गया है। जिनमें महिलालाभार्थियों को0.5%-1%कीरेंज में छूटदी जातीहै ।

प्रश्‍न(9)

क्या महिलाओं के लिए अलग से ऋण योजना है ?

उत्‍तर

जी हाँ, महिलाओं के लिए महिला समृद्धि योजना,महिला किसान योजना औरनारी आर्थिक स‍शक्तिकरण योजना नामक तीनअलग ऋण योजनाएं है।

प्रश्‍न(10)

एनएसएफडीसी ऋण कैसे देता है?

उत्‍तर

एनएसएफडीसी संबंधित राज्‍य/संघ राज्‍य सरकारों द्वारा नामित चैनलाइजिंग एजेंसियोंजैसेकि राज्‍य अनुसूचित जाति विकास निगमों (एससीडीसी),सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक (पीएसबी),क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) और अन्‍य संस्‍थानों (प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्‍नकेअंत में दी गई सूची के अनुसार)के माध्यम से लक्ष्य समूहों के लिए आय अर्जक योजनाओं के लिए ऋण उपलब्ध कराता है।

प्रश्‍न(11)

एनएसएफडीसी किन गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराता है?

उत्‍तर

एनएसएफडीसी कृषि एवं अन्य समवर्गीय, औद्योगिकएवं सेवा क्षेत्रों में आय अर्जक गतिविधियों के लिए तथा व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा के लिए ऋण उपलब्ध कराता है।

प्रश्‍न(12)

एनएसएफडीसी में किस प्रकार की ऋण योजनाएं हैं ?

उत्‍तर

एनएसएफडीसी में निम्‍नलिखितऋण योजनाएं हैं:-

(i) मियादी ऋण योजना, (ii) लघु ऋण वित्त योजना, (iii) महिला समृद्धि योजना,(iv) महिला किसान योजना,(v) शिल्पी समृद्धि योजना,(vi) लघुव्‍यवसाय योजना,(vii) नारी आर्थिक स‍शक्तिकरण योजना,(viii) हरितव्‍यवसाय योजना,(ix) शैक्षणिक ऋण योजना,(x)वोकेशनल शिक्षा एवं प्रशिक्षण ऋण योजना और,(xi)आजीविकामाइक्रो फाइनेंस योजना।

प्रश्‍न(13)

मियादी ऋण योजना में किसप्रकार की गतिविधियों के लिए ऋण दिया जाता है ?

उत्‍तर

मियादी ऋण योजना के लिए कुछ निर्देशात्मक योजनाएँ निम्नलिखित हैं:-

कृषि भूमि खरीद

डेयरी

मछली पालन

बकरीपालन

मधुमक्खी पालन

खेती

बागवानी/ फूलोत्पादन

मलबरी की खेती व रेशम कीड़ा/कूकून उत्पादन,इत्‍यादि

मुर्गी पालन

पावर टिल्लर

भेड़ पालन

ट्रेक्टर

आटा चक्की

जूता-चप्‍पलबनाना

फर्नीचर बनाना

टेलरिंग की दुकान

हथकरघा/पावरलूम

चमड़े की वस्तुओं का निर्माण

लेदर प्रोसेसिंग यूनिट

तैयार वस्त्र

रेक्जीन की वस्तुओं का निर्माण, इत्यादि

सिल्क रिलिंग यूनिट

सिलाईकी दुकान

चाँदी के आभूषणों का निर्माण

ऑटोरिक्शा

ब्यूटी पार्लर

साइबर केफे

डिपार्टमेंटल स्टोर

डीटीपी एंड कंप्यूटर सेंटर

उर्वरक की दुकान

हार्डवेअर की दुकान

मेडिकल की दुकान

फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी

स्टील फॅब्रिकेशन

टैंट हाऊस

प्रश्‍न(14)

लघु ऋण वित्त योजना में किस प्रकार की गतिविधियों के लिए ऋण दिया जाता है ?

उत्‍तर

लघु ऋण वित्त योजना के लिए कुछ निर्देशात्मक योजनाएँ निम्नलिखित हैं:-

पान की दुकान

साइकिल मरम्मत

दुधारु पशु

सब्जी बेचना

बेकरी

बकरी पालन

अगरबत्ती बनाना

पापड़बनाना

मोमबत्ती बनाना

ब्यूटी पार्लर

मछली बेचना इत्यादि

अचार बनाना

चाय की दुकान

प्रश्‍न(15)

महिला समृद्धि योजना में किस प्रकार की गतिविधियों के लिए ऋण दिया जाता है ?

उत्‍तर

महिला समृद्धि योजना के लिए कुछ निर्देशात्मक योजनाएँ निम्नलिखित हैं :-

कपड़े की दुकान

लघु डेयरी

चाय की दुकान

चूड़ियों की दुकान

ब्यूटी पार्लर

पापड़ बनाना

टोकरी बनाना

बाटिक प्रिंटिंग

झाड़ू बनाना

प्रश्‍न(16)

महिला किसान योजना के अंतर्गत किन गतिविधियों के लिए ऋण दिया जाता है ?

उत्‍तर

महिला किसान योजना के अंतर्गत महिला लाभार्थियों को कृषि और/अथवा संयुक्त खेती की योजनाएं जैसे सब्जी उगाना, फूलोत्पादन, डेयरी, मुर्गी पालन, अन्य किसी भी प्रकार की खेती इत्यादि के लिए ऋण दिया जाता है ।

प्रश्‍न(17)

महिला किसान योजना की पात्रता क्या है ?

उत्‍तर

महिला किसान योजना में कृषि जमीन महिला लाभार्थी के नाम अथवा उनके पति के साथ संयुक्त नाम पर होनी चाहिए । यदि कृषि भूमि केवल पति के नाम पर हो तो पति को एनएसएफडीसी का लाभार्थी नहीं होना चाहिए, और पति को उस महिला लाभार्थी द्वारा महिला किसान योजना ऋण से उस जमीन पर (पति के नाम की) कोई आर्थिक कार्य करने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

प्रश्‍न(18)

शिल्‍पीसमृद्धि योजना की पात्रता क्‍या है ?

उत्‍तर

शिल्‍पी समृद्धि योजना के अंतर्गत एनएसफडीसी ऐसे पात्र लाभार्थीगण को वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराता है,जो शिल्‍पकार है और जिनके पास विकास आयुक्‍त (हस्‍ताशिल्‍प),कपड़ा मंत्रालय,भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार द्वारा जारी शिल्‍पकार,पहचान पत्र है और जिन्‍हें अपने यूनिट को चलाने के लिए निधि की आवश्‍यकता है ।

प्रश्‍न(19)

लघुव्‍यवसाय योजना क्‍या है?

उत्‍तर

लघुव्‍यवसाय योजना का उद्देश्‍य अधिक से अधिक लाभार्थियों को लघु उद्योगों में अधिक से अधिक निवेश करने के लिए वित्‍तीय सहायता दे कर उनकी आवश्‍यकताओं को पूरा करना है।

प्रश्‍न(20)

क्‍या एनएसएफडीसी की एकल महिला/विधवा/अपने परिवार की मुखिया महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए कोई योजना है?

उत्‍तर

जी हाँ,एकल महिला/विधवा/अपने परिवार की मुखिया महिलाओं को आय अर्जक गतिविधियों को करने और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु एनएसएफडीसी की नारी आर्थिक सशक्तिकरण (एनएएसवाई) योजना है ।

प्रश्‍न(21)

नारी आर्थिक सशक्तिकरण (एनएएसवाई) योजना के अंतर्गत ऋण की प्रमात्रा कितनी है?

उत्‍तर

एनएएसवाई के अंतर्गत,निगम को एनएसएफडीसी की किसी भी योजना के तहत प्रवर्तक के किसी अंशदान पर आग्रह किए बिना और राज्‍य चैनलाइजिंग एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही मार्जिन और सब्सिडी को ध्‍यान में रखते हुए गरीबी रेखा से कम पर जीवन यापन करने वाली पात्र महिला लाभार्थियों को यूनिट लागत का रू 10,000/-अथवा50%, जो भी कम है,का ऋण उपलब्‍ध कराता है।

प्रश्‍न(22)

एनएएसवाई योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को हैंड होल्डिंग कार्य के लिए ऋण का प्रावधान है?

उत्‍तर

जी हाँ,योजना के तहत शामिल लाभार्थियों के लिए हेंड होल्डिंग कार्य करने के उद्देश्‍य के लिए अनुदान के रूप में प्रति यूनिट अधिकतम रु.4,000/- की सीमा में ऋण राशि का2% उपलब्‍ध कराया जाता है।

प्रश्‍न(23)

क्‍या एनएएसवाई लाभार्थियों को अपना व्‍यापार बढ़ाने के लिए दुबारा भी ऋण दिया जाता है?

 

उत्‍तर

जी हाँ,योजना के तहत शामिल लाभार्थी प्रथम ऋण लेने के दो वर्ष के बाद व्‍यापार बढ़ाने के लिए आगे भी वित्‍तीय सहायता लेने के लिए पात्र हैं बशर्तें कि चुकौती नियमित है ।

 

प्रश्‍न(24)

एनएएसवाई के अंतर्गत ब्‍याज दर क्‍या है?

उत्‍तर

किसी विशिष्‍ट योजना के अंतर्गत प्रभारित ब्‍याज दर के अनुसार एनएएसवाई के अंतर्गत दरें लागू की जाती हैं ।

प्रश्‍न(25)

एनएएसवाई के अंतर्गत ऋण की चुकौती अवधि क्‍या है?

उत्‍तर

एनएएसवाई के तहत ऋण को तिमाही किश्तों में मोरेटोरियम अवधि सहित अधिकतम 10 वर्षों में चुकाना होता है । वास्‍तविक चुकौती अवधि आर्थिक कार्य के प्रकार और आय अर्जन पर आधारित होगी।

प्रश्‍न(26)

यदि किसी के पास कृषि योग्य जमीन है परंतु सिंचाई के कोई साधन नहींहै तो क्या सिंचाई हेतु ऋण मिल सकता है ?

उत्‍तर

जी हाँ, सूखी जमीन में सिंचाई के साधन हेतु बोरवेल, स्प्रिंकलर, ड्रिप इत्यादि सिंचाई के उपकरणों के लिए ऋण मिल सकता है ।

प्रश्‍न(27)

इन योजनाओं में कितने रुपए तक ऋण राशि मिल सकती है और ब्याज दर क्या है?

उत्‍तर.

इन योजनाओं की परियोजना लागत की सीमा, ऋण राशि की सीमा और ब्याज दर को नीचे की तालिका में बताया गया है:-

क्रम सं.

ऋण योजना

परियोजना लागत

ऋण की सीमा (परियोजना/ शिक्षा लागत का प्रतिशत)

ब्‍याजदर

एससीए

से

लाभार्थियों

से

1.

मियादी ऋण योजना

5.00 लाख रुपए तक

90%

3%

6%

5.00 लाख रुपए से अधिकतथा 10.00 लाख रुपए तक

90%

5%

8%

10.00 लाख रुपए से अधिक तथा 20.00 लाख रुपए तक

90%

6%

9%

20.00 लाख रुपए से अधिक तथा 27.00 लाख रुपए तक

90%

7%

10%

2.

लघुऋण वित्‍त

50,000/-रुपएतक

90%

2%

5%

3.

महिला समृद्धि योजना

50,000/-रुपएतक

90%

1%

4%

4.

महिला किसान योजना

50,000/- रुपए तक

90%

2%

5%

5.

शिल्पी समृद्धि योजना

50,000/- रुपए तक

90%

2%

5%

6.

लघुव्‍यवसाय योजना

2.00/-लाख रुपएतक

90%

3%

6%

7.

नारीआर्थिक

सशक्तिकरणयोजना

एनएसएफडीसी की योजनाओं के लिए निर्धारित यूनिट लागत के अनुसार वित्‍तीय सहायता

90%

1%

4%

8.

हरितव्‍यवसाय योजना

रु. 1.00 लाख तक

रु.0.90लाखतक

1%

3%

रु. 1.00 लाख से अधिक और रु.2.00 लाख तक

रु.1.80 लाखतक

2%

5%

9.

 

शैक्षणिक ऋण योजना

 

भारत में

रू.10.00 लाख तक

90%

पुरुष

1.5%

1.00%

4%

3.5%

महिला

विदेश में

रू. 20.00 लाख तक

90%

पुरुष

1.50%

4%

महिला

1.00%

3.5%

10.

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणयोजना

छ:माह से एकवर्ष तक की अवधि के कार्स के लिए 1.00लाख

एकवर्ष से दोवर्ष तक की अवधि के कार्स के लिए 1.50लाख

100%

पुरुष

1.50%

4%

100%

महिला

1.00%

3.5%

11.

आजीविकामाइक्रो फाइनेंस योजना

रु.60,000तक

रु.54,000

पुरुष

5%

13%

महिला

4%

12%

प्रश्‍न(28)

क्या इन ऋणों में आवेदको को अपनी पूंजी भी लगानी होती है ?

उत्‍तर.

केवल मियादी ऋण में ही आवेदक को अपनी पूंजी भी लगानी होती है ताकिआवेदक की भी भागीदारी परियोजना में सुनिश्चित हो सके । आवेदक (प्रवर्तक) का अंशदान इस प्रकार है –

क्रम सं.

परियोजना/इकाई की लागत

परियोजना/इकाई लागत की प्रतिशतता के रूप में प्रवर्तक का कम से कम अंशदान

(i)

1.00 लाख रुपए तक की परियोजना लागत के लिए

इस पर बल नहीं दिया जाता है ।

(ii)

1.00 लाख रुपए से अधिक तथा 2.50 लाख रुपए तक की परियोजना लागत के लिए

2%

(iii)

2.50 लाख रुपए से अधिक तथा 5.00 लाख रुपए तक की परियोजना लागत के लिए

3%

(iv)

5.00 लाख रुपए से अधिक तथा 10.00 लाख रुपए तक की परियोजना लागत के लिए

5%

(v)

10.00 लाख रुपए से अधिक तथा 20.00 लाख रुपए तक की परियोजना लागत के लिए

7%

(vi)

20.00 लाख रुपए से अधिक तथा 30.00 लाख रुपए तक की परियोजना लागत के लिए

1%

 

प्रश्‍न.(29)

क्या ऋण वितरण के तुरंत बाद ही किस्तों की अदायगी शुरू होती है?

उत्‍तर.

जी नहीं, ऋण वितरण के बाद लाभार्थियों को अपने व्यवसाय में मजबूत होने तक मूलधन की चुकौती शुरू नहीं की जाती। सामान्यतः व्यवसाय की प्रकार/प्रकृति के आधार पर 6 से 9 महीने के बाद मोरेटोरियम अवधि के बाद मूलधन की चुकौती शुरू होती है। अपितु ब्याज की चुकौती तो संवितरण के तुरंत बाद शुरु हो जाती है औरब्‍याज की चुकौती पर कोई मोरेटोरियम अवधि नहींहै ।

प्रश्‍न(30)

चुकौती अवधि क्या है?

उत्‍तर.

योजनावार चुकौती अवधि इस प्रकार है:-

क्रम सं.

ऋण योजना

चुकौती अवधि (अधिकतम)

चुकौती का प्रकार

1

मियादी ऋण

ऋणकी चुकौती वित्तीय स्थिति के आधार पर या दस वर्षों के अंदर, जो भी पहले हो।

तिमाही/छमाही/अर्धवार्षिक किस्‍त में

2

लघु ऋण वित्त

90 दिनों के अधिस्‍थगनकाल सहित अधिकतम तीन वर्षों के अंदर।

तिमाही किस्‍त में

3

महिला समृद्धियोजना

90 दिनों के अधिस्‍थगनकाल सहित अधिकतम तीन वर्षों के अंदर।

तिमाही किस्‍त में

4

महिला किसान योजना

एक वर्ष केअधिस्‍थगनकाल सहित अधिकतम दस वर्षों के अंदर।

तिमाही किस्‍त में

5

शिल्पी समृद्धियोजना

एक वर्ष के अधिस्‍थगनकाल सहित अधिकतम पाँच वर्षों के अंदर।

तिमाही किस्‍त में

6

लघुव्‍यवसाय योजना

एक वर्ष के अधिस्‍थगनकाल सहित अधिकतम छ:वर्षों के अंदर।

तिमाही किस्‍त में

7

नारीआर्थिक स‍शक्तिकरण योजना

एक वर्ष के अधिस्‍थगनकालसहित अधिकतम दसवर्षों के अंदर।

तिमाही किस्‍त में

8.

हरितव्‍यवसाय योजना

6 माहकीअधिस्‍थगन कालसहितअधिकतम6 वर्ष के अंदर

तिमाही किस्‍त में

9.

शिक्षा ऋण योजना

पा� ्‌यकम पूरा होने के छह माह बाद अथवा रोजगार प्राप्ति, जो भी पहले हो। विलंबन काल सहित पॉच वर्ष है और कुलऋण अवधि दस वर्ष से अधिक न हो।

तिमाही किस्‍त में

10.

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणयोजना

चुकौतीछह माह के विलंबन काल सहित:

छ:माह से अधिक और एकवर्ष तक की अवधि के कार्स के लिए –5 वर्ष

एकवर्ष से अधिक और दोवर्ष तक की अवधि के कार्स के लिए –7 वर्ष

तिमाही किस्‍त में

11.

आजीविकामाइक्रो फाइनेंस योजना

3 माहकीअधिस्‍थगन कालसहित3वर्षों की अवधि के अंदर ।

तिमाही किस्‍त में

प्रश्‍न.(31)

क्या एनएसएफडीसी से एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लिया जा सकता है?

उत्‍तर.

दुबारा ऋण लेने की स्थिति इस प्रकार है :-

क्रम सं.

योजना

दुबारा ऋण लेने की स्थितिः

1

मियादी ऋण योजना

जी हाँ,रुपए2.00 लाख तक की इकाई लागत के पुनर्भुगतान होने पर दुबारा ऋण लेने केपात्रहैं।

2

लघु ऋण वित्त योजना

जी हाँ,पहले लिए गए ऋण की चुकौती नियमित रूप से समय पर करने पर लाभार्थी एनएसएफडीसी से दुबारा ऋण ले सकते हैं।

3

महिला समृद्धि योजना

जी हाँ,पहले लिए गए ऋण की चुकौती नियमित रूप से समय पर करने पर लाभार्थी एनएसएफडीसी से दुबारा ऋण ले सकते हैं।

4

महिला किसान योजना

जी हाँ,एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र हैं।

5

शिल्पी समृद्धि योजना

जी हाँ,एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र हैं।

6

लघुव्‍यवसाय योजना

जी हाँ,2.00लाख तक यूनिट लागत के लिए एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र हैं।

7

नारीआर्थिक स‍शक्तिकरण योजना

2.00लाख से यूनिट लागत के लिए एक बार ऋण लेने के बाद जी हाँ,दुबारा ऋण लेने के पात्र हैं।

8

हरितव्‍यवसाय योजना

एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र नहीं हैं।

9

शिक्षा ऋण योजना

एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र नहीं हैं।

10

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणयोजना

एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र नहीं हैं।

11

आजीविकामाइक्रो फाइनेंस योजना

जी हाँ,एक बार ऋण लेने के बाद दुबारा ऋण लेने के पात्र हैं।

प्रश्‍न.(32)

शिल्पी समृद्धि योजना की पात्रता क्या है?

उत्‍तर.

यह ऋण विशेष रूप से अनुसूचित जातियों के शिल्पियों, जिनके पास विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), कपड़ा मंत्रालय,भारत सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा जारी शिल्पकार पहचान पत्र धारक को छोटे शिल्प वस्तुओंके निर्माण के लिए दिया जाता है।

प्रश्‍न.(33)

एनएसएफडीसी से ऋण आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है?

उत्‍तर.

एनएसएफडीसी से ऋण आवेदन करने के लिए अपने राज्य में संबंधित चैनलाइजिंग एजेंसी से संपर्क करना होता है। जहाँ एनएसएफडीसी के प्रपत्र में व्यवसाय संबंधी विवरण एवं जाति, पारिवारिक आय, व्यावसायिक अनुभव एवं व्यवसाय विशेष से संबंधित कागज़ात चैनलाइजिंग एजेंसी कार्यालय में जमा करने होते हैं। राज्य-वार एससीए के नाम एवं संपर्क नंबर इस पैम्पलेट के अंतिम पृष्� पर दिए हैं।

प्रश्‍न.(34)

क्या एनएसएफडीसी यात्री वाहक/माल वाहक गाडिय़ो के लिए भी ऋण प्रदान करता है ?

उत्‍तर.

जी हाँ, सेवा क्षेत्र के अंतर्गत एनएसएफडीसी से विभिन्न प्रकार की गाडि़योंजैसे ऑटो रिक्शा, जीप,कार, टैक्सी, ट्रेक्टर, पिकअप वैन, छोटे वाणिज्यिक वाहन, छोटी बसें इत्यादि के लिए ऋण प्रदान करता है । ये ऋण केवल आवेदक के स्वयं-चालन के लिए दिए जाते है । इन ऋणों के लिए आवेदक के नाम का वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट आदि का होना जरूरी है । एक आवेदक को मात्र एक वाहन के लिए ही ऋण प्रदान किया जाता है । लाभार्थी अपनी इच्छानुसार वाहन के मॉडल का चयन कर सकता है।

प्रश्‍न.(35)

क्या लाभार्थीअपनी इच्छा से योजना का चुनाव कर सकता है?

उत्‍तर.

जी हाँ, लाभार्थी अपनी इच्छा के अनुसार योजना का चुनाव कर सकता है। योजना का चुनाव करते समय लाभार्थी को अपने कौशल, निपुणता, स्थानीय आवश्यकता, संसाधन एवं व्यावहारिक अनुभव को ध्यान में रखना चाहिए।

प्रश्‍न.(36)

किन-किन व्यावसायिक/तकनीकी पा� ्यक्रमके लिए शिक्षऋण उपलब्ध है ?

उत्‍तर.

शिक्षाऋण सरकार से मान्यताप्राप्त शैक्षणिक संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे पा� ्यक्रमों के लिए प्रदान किया जाता है । वर्तमान में निम्नलिखित पूर्णकालिक व्यावसायिक/तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के पा� ्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराया जाता है :-

1.इंजीनियरिंग, मेडिकल, दंत चिकित्सा, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, होटल मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, फिजियोथेरेपी, बायो-टेक्नालजी, कानून, शिक्षा,पत्रकारिता इत्यादिक्षेत्रों में पूर्णकालिक व्यावसायिक/तकनीकी पा� ्यक्रमके लिए।

2.व्यावसायिक पा� ्यक्रम जैसेसीए/आईसीडब्ल्यूए/सीएस/एएमआईई/एफआईए/आईईटीई ।

3.मान्यता प्राप्त संस्थानों सेएमफिल/पीएचडी के डॉक्टरेट स्तर पर अध्ययन जैसी उच्च शिक्षा।

प्रश्‍न.(37)

एनएसएफडीसी ऋण देने के अलावा क्या करता है?

उत्‍तर.

ऋण देने के अलावा एनएसएफडीसी लक्ष्य समूह के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रतिष्� ित सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से उभरते हुए व्यवसाय क्षेत्रों में कौशल एवं उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान करता है। इन कार्यक्रमों के लिए एनएसएफडीसी प्रशिक्षण संस्थनों को राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से शतप्रतिशत अनुदान देता है।

प्रश्‍न.(38)

क्या इन प्रशिक्षण कार्यक्रमोंमें कोई वृत्तिका (stipend) दी जाती है?

उत्‍तर.

जी हाँ, इन प्रशिक्षण कार्यक्रमोंकेदौरान लाभार्थियों को प्रतिमाह रुपए 1500/- की दर से वृत्तिका का प्रावधान है। जिससे लाभार्थी अपने आवश्यक खर्चों को पूरा कर सकें।

प्रश्‍न.(39)

कौशल प्रशिक्षण किन - किन क्षेत्रों में दिया जाता है ?

उत्‍तर.

वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण निम्नलिखित क्षेत्रों में दिए जा रहे हैं :-

हार्डवेयर और नेटवर्किंग में सर्टिफिकेट कोर्स

तैयारवस्‍त्र निर्माण कोर्स

सीएनसी मिलिंग प्रोग्रामिंग और ऑपरेशन

सीएडीऑटो कैडका उपयोग करना

प्लास्टिक इंजेक्शन मशीन ऑपरेटर

पैटर्न कटिंग मास्टर कोर्स

हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग में डिप्लोमा

फल प्रसंस्करण

सीएनसी लैदमशीन ऑपरेटर

सीएनसी टर्निंग प्रोग्रामिंग एंडऑपरेशन

मुलायमखिलौने (साफ्ट टॉय) बनाना

एमएस ऑफिस और इंटरनेट में सर्टिफिकेट कोर्स

सिलाई मशीन ऑपरेटर कोर्स

मशीन मैकेनिक कोर्स

ऑटोमोबाइल मरम्मत और सर्विसिंग

ब्यूटीपार्लर, नर्सिंग, प्रयोगशाला तकनीशियन

प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक असेंबली ऑपरेटर

डेस्क टॉप पब्लिशिंग और एमएस ऑफ़िस

उद्यमिता विकास कार्यक्रम

मोबाइल फोन मरम्मत

मोटर रिवाइंडिंग

फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी

प्लास्टिक बहिर्वर्धन(आकार) मशीन ऑपरेटर

उत्‍पादनपर्यवेक्षण और गुणवत्‍ता नियंत्रण

डीजल इंजन एवं पावर टिलर की मरम्मत और रखरखाव

रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर की मरम्मत

वेल्डिंग और फेब्रिकेशन, इलेक्ट्रीशियन इत्यादि

प्रश्‍न.(40)

कौशल प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को कौन-सी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं ?

उत्‍तर.

कौशल प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को संबंधित क्षेत्रों में नियोजन सहायता (Placement assistance) दी जाती है । इसके साथ ही ऐसे लाभार्थी जो स्वरोजगार इकाई स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें निःशुल्क उद्यमिक मार्गदर्शन के साथ एनएसएफडीसी/चैनेलाइजिंग एजेंसियों की ऋण योजनाओं और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाती है ।

प्रश्‍न.(41)

एनएसएफडीसी द्वारा प्रायोजित कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने की क्या प्रक्रिया है?

उत्‍तर.

कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थानीय समाचार पत्रों में समय-समय पर विज्ञापित किया जाता है। एनएसएफडीसी की ओर से कौशल प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं की एक चयन प्रक्रिया है। इसके लिए एनएसएफडीसी की चैनेलाइजिंग एजेंसियों से संपर्क किया जा सकता है, जिनके नाम और संपर्क नंबर इस पैम्पलेट के अंत में दिए गए हैं।

प्रश्‍न.(42)

क्या एनएसएफडीसी कीछ: माह से अधिक की अवधि के वोकेशनल कोर्स हेतु ऋण उपलब्‍ध कराने के लिए कोई योजना है ?

उत्‍तर.

जीहां,एनएसएफडीसी ने छ: माह या उससे अधिक और 2 वर्ष तक की अवधि की वोकेशनल शिक्षा और प्रशिक्षण पा� ्यक्रम करने के लिए अनुसूचित जाति के व्‍यक्तियों को ऋण देने के लिए वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणयोजना(वोशिप्रऋयो)08.02.2014 को शुरू की है ।

प्रश्‍न.(43)

योजनाके अंतर्गत प्रशिक्षणार्थी की पात्रता क्‍या है?

उत्‍तर.

योजनांतर्गत प्रशिक्षणार्थी की पात्रताइसप्रकार है:-

(i)प्रशिक्षणार्थीअनुसूचितजातिसमुदायकाहोनाचाहिए।

(ii)प्रशिक्षणार्थीकेपरिवारकीवार्षिकपरिवारिकआयगरीबीसीमारेखाकेदुगनेआयसीमा(बीपीएल)[वर्तमानमेंग्रामीणक्षेत्रकेलिए81,000/- रुपएवार्षिकतथाशहरीक्षेत्रकेलिए1,03,000/- रुपएवार्षिकसेअधिकनहींहोनीचाहिए]

(iii)प्रशिक्षणार्थीनेमंत्रालय/विभाग/सरकारीसंग� नद्वाराचलाएजारहेअथवाराष्ट्रीयकौशलविकासनिगमद्वारासहायताप्राप्तकंपनी/सोसाईटी/संग� नअथवाराज्यकौशलमिशन/राज्यकौशलनिगमकेपा� ्यक्रममेंदाखिलालियाहोनाचाहिएजिससेसरकारीसंग� न/सरकारद्वारामान्यताप्राप्तप्राधिकृतसंग� नद्वाराप्रमाणपत्र/डिप्लोमा/डिग्रीइत्यादिप्राप्तहोसके।

प्रश्‍न.(44)

पा� ्यक्रमकी पात्रता क्‍या है?

उत्‍तर.

वोकेशनलशिक्षा और प्रशिक्षणकोर्स छ: माह से दो वर्ष की अवधि का होना चाहिए और वह मंत्रालय/विभाग/सरकारीसंग� नद्वाराचलाएजारहाहो अथवाराष्ट्रीयकौशलविकासनिगमद्वारासहायताप्राप्तकंपनी/सोसाईटी/संग� नअथवाराज्यकौशलमिशन/राज्यकौशलनिगमकेपा� ्यक्रममेंदाखिलालियाहोनाचाहिएजिससेसरकारीसंग� न/सरकारद्वारामान्यताप्राप्तप्राधिकृतसंग� नद्वाराप्रमाणपत्र/डिप्लोमा/डिग्रीइत्यादिप्राप्तहोसके।

प्रश्‍न.(45)

आयुकी पात्रता क्‍या है?

उत्‍तर.

इसयोजना में,ऋणकीपात्रताकेलिएप्रशिक्षणार्थीकीआयुसंबंधीकोईविशेषप्रतिबंधनहींहै।तथापि, यदिप्रशिक्षणार्थीअवयस्कहै, मातापिताऋणदस्तावेजनिष्पादितकरसकतेहैं,चैनेलाइजिंग एजेंसी उससे व्‍यस्‍क होने पर अनुसमर्थन का पत्र लेगी । अधिकतमआयुकीसीमाका निर्धारण चैनेलाइजिंग एजेंसी द्वारा किया जा सकता है और यदि व्‍यक्ति बेरोजगार है तथा 50 वर्षकीआयु है,और वोकेशनलशिक्षा और प्रशिक्षणलेने का इच्‍छुक है,तब सभी मामलों पर पृथकत: विचार किया जा सकता है ।

प्रश्‍न.(46)

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणयोजना(वोशिप्रऋयो)में कौन-कौन-सेव्‍यय शामिल किश हैं?

उत्‍तर.

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणकेलिएशामिलकियागयाव्यय:

प्रवेश/शिक्षाशुल्क,

परीक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशालाशुल्क,

कॉशन मनीडिपोजिट,

किताबें, औजार, उपकरणकीखरीद,

आवासऔरभोजन

ऋणराशिकाबीमा

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणसंस्थानद्वाराप्रमाणितपा� ्यक्रमकोपूराकरनेकेलिएआवश्यक, अन्यकोईउपयुक्तव्यय

 

प्रश्‍न.(47)

वित्‍तकी प्रमात्रा कितनी उपलब्‍धहै ?

उत्‍तर.

वित्‍तकी प्रमात्रा नीचे दिए अनुसार है:

उपयुक्तप्रश्‍न46 मेंदिएखर्चोंकोपूराकरनेकेलिएआवश्यकआधारितवित्तका100% व्ययजो कि निम्नलिखित सीमा में हो:-

छ: माह या उससे अधिक और एक वर्ष तक के पा� ्यक्रम के लिए:

1,00,000/- रु. तक

:एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष तक के पा� ्यक्रम के लिए

1,50,000/- रु. तक

 

नोट:यदिलागतअधिकहोतोलाभार्थीद्वारावहनकियाजाएगा।

 

प्रश्‍न.(48)

ऋणपर ब्‍याज की दर क्‍या है?

उत्‍तर.

एनएसएफडीसीचैनलाईजिंगएजेंसीसे1.5% वार्षिककीदरसेब्याजप्रभारितकरेगाजोइसकेबदलेलाभार्थीसे4% वार्षिकप्रभारितकरेगा।महिलाओंकेमामलेमेंब्याजमें0.5% कीछूटदीजाएगी।

प्रश्‍न.(49)

क्‍याऋण की चुकौती के लिए कोई विलंबन काल है?

उत्‍तर.

जीहां,पा� ्यक्रमपूराहोनेअथवारोज़गारपाने, जोभीपहलेहोजाताहै, केछ:माहबादसे।

प्रश्‍न.(50)

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणयोजना कीचुकौती अवधि क्‍या है?

उत्‍तर.

वोकेशनलशिक्षाऔरप्रशिक्षणऋणकी चुकौती लागू छ: माह की मोरेटोरियम अवधि सहित तिमाही किस्‍तों में होगी ।

छ:माह से अधिक और एकवर्ष तक की अवधि के कार्स के लिए

5 वर्ष

एकवर्ष से अधिक और दोवर्ष तक की अवधि के कार्स के लिए

–7 वर्ष

प्रश्‍न.(51)

क्‍याऋण के लिए पूर्व-चुकौती प्रभार है?

उत्‍तर.

जीनहीं,ऋणी,ऋण की चुकौती शुरू होने के बाद कभी-भी ऋण चुका सकता है । समय से पहले चुकौती करने पर ऋणी से कोई समय पूर्व चुकौती प्रभार नहीं मांगा जाएगा ।

प्रश्‍न.(52)

यदिकोर्स 08.02.2014 से पहले शुरू हुआ है तो क्‍या ऋण मिल पाएगा?

उत्‍तर.

जीनहीं,कोर्स योजना के आरंभ होने की तारीख अर्थात् 08.02.2014 के बाद ही शुरू होना चाहिए ।

प्रश्‍न.(53)

एनएसएफडीसी से ऋण के संबंध में यदि कोई शिकायत है तो किससे संपर्क किया जा सकता है?

उत्‍तर.

एनएसएफडीसी केऋण संबंधी यदि कोई शिकायत है तो निम्नलिखित से संपर्क किया जा सकता हैः-

i) जनशिकायत अधिकारी, एनएसएफडीसी, दिल्ली।आप अपनी शिकायत ऑनलाइन लोक शिकायत पोर्टल में (www.pg portal.gov.in)भी दे सकते है।

ii)मुख्‍यसर्तकता अधिकारी,एनएसएफडीसी,दिल्ली।

iii) अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एनएसएफडीसी, दिल्ली ।

संशोधित: Ratikanta Jena (ratikantajena2005@yahoo.co.in)
दिनांक: 04 November, 2016