एनएसएफ़डीसी, अपने चैनल भागीदारों के माध्यम से योजना के अधीन, पात्र लक्ष्य समूह को ऋण प्रदान करता है। पात्र लक्ष्य समूह (गरीबी रेखा के दुगुने से नीचे जीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति के व्यक्ति) ऋण आवेदन पत्र, राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के जिला कार्यालयों में जमा करेंगे।  एससीए के जिला कार्यालय, संवीक्षा के पश्चात् इन आवेदनों को अपने मुख्यालय भेज देते हैं। एससीए, परियोजना प्रस्तावों की व्यवहार्यता का मूल्यांकन करते हैं और व्यवहार्य प्रस्तावों को अपनी अनुशंसा के साथ मंजूरी के लिए एनएसएफडीसी को भेज देते हैं। पात्र लक्ष्य समूह अपने ऋण आवेदनों को, एनएसएफडीसी की अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों जैसे- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों/सार्वजनिक क्षेत्र बैंको/एनबीएफसी-एमएफआई, जिनके साथ एनएसएफडीसी ने समझौता-करार हस्ताक्षरित किया है, के पास भी जमा कर सकते हैं। 

उक्त परियोजना प्रस्तावों का मूल्यांकन परियोजना डेस्क द्वारा किया जाता है। मूल्यांकन रिपोर्ट  परियोजना मंजूरी समिति (पीसीसी) के पास उनकी सहमति के लिए भेज दी जाती है। संगत पाये जाने वाले प्रस्ताव मंजूरी के लिए संस्तुत कर दिये जाते है। मंजूरी के पश्चात, मंजूरी पत्र जिन्हे आशय पत्र कहा जाता है, निबंधन और शर्तों के साथ स्वीकृति के लिए एससीए/ आरआरबी/ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों/एनबीएफसी-एमएफआइ को जारी कर दिए जाते हैं । 

मंजूरी के निबंधन और शर्तों की स्वीकृति तथा  प्रुडेंशियल मानदंडों की पूर्ति होने पर (यथा लागू) लाभार्थियों को संवितरित करने के लिए, एससीए/आरआरबी/राष्‍ट्रीयकृत बैंकों को निधियाँ संवितरित कर दी जाती हैं। एनएसएफडीसी, निधियों का संवितरण, एससीए/ आरआरबी/सार्वजनिक क्षेत्र बैंको/एनबीएफसी-एमएफआई से मांग प्राप्त होने पर करता है। लाभार्थियों को ऋण की चुकौती समान मासिक किस्तों मेँ संबन्धित चैनेल भागीदार को करनी होती है। 

संशोधित: Ratikanta Jena (ratikantajena2005@yahoo.co.in)
दिनांक: 03 November, 2016