पात्र अनुसूचित जाति के व्‍यक्तियों को छोटे/सूक्ष्‍म व्‍यापारिक गतिविधियों के लिए एनबीएफसी-एमएफआई के माध्‍यम से रियायती ब्‍याज दर पर माइक्रो वित्‍त प्रदान करना है।लक्ष्‍य समूह के लिए पात्रता मानदंड

  • लाभार्थी अनुसूचित जाति समुदाय का होना चाहिए।
  • लाभार्थी (लाभार्थियों)  की वार्षिक पारिवारिक आय गरीबी सीमा रेखा (डीपीएल) के दोगुने आय सीमा आय गरीबी सीमा रेखा (डीपीएल) के दोगुने आय सीमा (वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए `98,000/- वार्षिक एवं शहरी क्षेत्रों के लिए `1,20,000/- वार्षिक) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
एनबीएफसी-एमएफआई के लिए पात्रता
एनएसएफडीसी से वित्‍तीय सहायता लेने के लिए अंतिम वित्‍त प्रदाता अर्थात् एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा निम्‍नलिखित नॉर्म पूरे करने पर पात्रता पर विचार किया जाएगा:
  • एनबीएफसी-एमएफआई को गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनी-माइक्रो फाइनेंस संस्‍थान के रूप में आरबीआई के साथ पंजीकृत होना चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई को माइक्रो फाइनेंस संबंधी सभी नॉर्म की अनुपालना करनी चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई की लगातार 3 वर्ष के लाभ की उपलब्धियाँ होनी चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई की 2% से कम सकल गैर-निष्‍पादन परिसंपत्ति (एनपीए) और पूर्ववर्ती वित्‍त वर्ष में उनके वार्षिक लेखे के अनुसार 0.5% से कम एनपीए होना चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई को साख (क्रेडिट) ब्‍यूरो का सदस्‍य होना चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई को सीआरआईएसआईएल की एमएफआर5 अथवा समकक्ष न्‍यूनतम क्षमता मूल्‍यांकन रेटिंग होनी चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई को पिछले तीन वर्षों में बाह्य उधारदाता के पुनर्भुगतान का चूककर्ता अथवा निगमित ऋण पुनर्गठन में नहीं आना चाहिए।
  • एनबीएफसी-एमएफआई की आंतरिक लेखांकन, जोखिम प्रबंधन, आंतरिक लेखा परीक्षा, एमआईएस, नकद प्रबंधन इत्‍यादि की उपयुक्‍त प्रणाली होनी चाहिए और उसके वार्षिक लेखों की पिछले 3 वर्षों में लेखा परीक्षा की गई हो।
  • एनबीएफसी-एमएफआई से यह वांछनीय होगा कि न्‍यूनतम 60 स्‍कोर या समकक्ष के साथ आचार संहिता का मूल्‍यांकन (सीओसीए) किया गया हो।
एनएसएफडीसी और एनबीएफसी-एमएफआई संबंध

एनएसएफडीसी की पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले चुनिंदा एनबीएफसी-एमएफआई को चयनित राज्य/संघ राज्य क्षेत्र में एनएसएफडीसी के चैनलाइजिंग एजेंसी (सीए) के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया जा सकता है। एनएसएफडीसी और एनबीएफसी-एमएफआई के बीच संबंध पूर्णत: एनएसएफडीसी ऋण नीति तथा समझौता-करार के निबंधनों और शर्तों के अनुसार दोनों पक्षों के मध्‍य हस्‍ताक्षरित एक करार द्वारा संविदात्‍मक संबंध के रूप में शासित एवं निर्देशित होंगे ।

प्रतिभूति (सिक्‍युरिटी)

एनएसएफडीसी से संवितरण लेते समय, एनबीएफसी-एमएफआई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की बैंक गारंटी प्रदान करेगा अथवा उस पर ब्‍याज सहित इस करार के अंतर्गत मंजूर ऋण का समय पर भुगतान के लिए एनएसएफडीसी को प्रतिभूति के रूप में उन्‍हें संवितरित राशि के बराबर "एनबीएफसी-एमएफआई अकाउंट एनएसएफडीसी" के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक की सावधि जमा राशि प्रदान करेगा । एनएसएफडीसी की सभी बकाया राशि का पूरा भुगतान अथवा एनबीएफसी-एमएफआई से पूरी तरह से अदायगी किए जाने तक बैंक गारंटी/ सावधि जमा की वैधता अवधि जारी रहेगी । यदि एनबीएफसी-एमएफआई, एनएसएफडीसी को सावधि जमा उपलब्‍ध कराता है तो उस पर प्राप्‍त ब्याज एनबीएफसी-एमएफआई को देय होगा।
एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा चूक की स्थिति में इस करार के अंतर्गत दिए गए अग्रिम की पूर्ण या आंशिक राशि के लिए एनएसएफडीसी द्वारा बैंक गारंटी जब्‍त कर ली जाएगी/ सावधि जमा को भुना लिया जाएगा ।

इकाई लागत

परियोजना की इकाई लागत रू.60,000/- से अधिक नहीं होगी ।

सहायता की प्रमात्रा

एनएसएफडीसी का अंश परियोजना लागत का 90% तक हो सकता है। शेष 10% अंश का योगदान एनबीएफसी-एमएफआई और/अथवा लाभार्थियों को करना होगा।

ब्‍याज दर

योजना के अंतर्गत ब्याज प्रभारित करने की पद्धति;

एनएसएफडीसी से एनबीएफसी-एमएफआई
एनबीएफसी-एमएफआई को ब्‍याज का विस्‍तार
एनबीएफसी-एमएफआई से लाभार्थियों को
महिला के लिए 4% वार्षिक पुरूष के लिए 5% वार्षिक 8% महिला के लिए 12% वार्षिक पुरूष के लिए 13% वार्षिक

लक्ष्‍य समूह वार्षिक आधार पर देयों की समय से पूरी चुकौती करने पर एनएसएफडीसी से 2% वार्षिक की दर से ब्‍याज में छूट पाने के पात्र होंगे । एनएसएफडीसी द्वारा ऋण राशि, एनबीएफसी-एमएफआई से लाभार्थी द्वारा त्‍वरित भुगतान की जानकारी मिलने के बाद प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) द्वारा लाभार्थी के लेखे में सीधे अंतरित किया जाएगा बशर्ते कि एनबीएफसी-एमएफआई द्वारा पूरी चुकौती की गई हो।

चुकौती अवधि

ऋण को 3 माह की अधिस्‍थगन काल सहित प्रत्‍येक संवितरण की तारीख से अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के अंदर तिमाही किस्‍तों में चुकाना होगा। इसके अलावा, निधि उपयोग के लिए राज्य चैनलाइजिंग एजेंसी को 90 दिनों की अवधि अनुमत्य है। ब्‍याज के भुगतान के लिए कोई अधिस्‍थगन काल नहीं होगा ।

द्वितीय ऋण

पूर्व ऋण की चुकौती के बाद, पात्र लाभार्थी एनबीएफसी - एमएफआई अथवा एनएसएफडीसी की अन्‍य चैनलाइजिंग एजेंसियों से एनएसएफडीसी की योजनाओं के अंतर्गत दुबारा ऋण लेने के पात्र हो सकते हैं

संशोधित: Ratikanta Jena (ratikantajena2005@yahoo.co.in)
दिनांक: 03 November, 2016