‘’गरीबी रेखा के दुगुने से कम पर जीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति के व्‍यक्तियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के माध्‍यम से सुव्‍यवस्थित प्रकार से गरीबी को कम करने के लिए, चैनलाइजिंग एजेंसियों और अन्य विकास भागीदारों के साथ प्रभावी, उत्तरदायी और सहयोगात्‍मक तरीके से प्रमुख उत्‍प्रेरक के रूप में कार्य करना। ‘’

संशोधित: Ratikanta Jena (ratikantajena2005@yahoo.co.in)
दिनांक: 09 November, 2016