लक्ष्य समूह के युवाओं के लिए कौशल और रोज़गार को बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता देना।

पात्रता मानदंड
  • प्रशिक्षणार्थी अनुसूचित जाति समुदाय का होना चाहिए ।
  • प्रशिक्षणार्थी के परिवार की वार्षिक परिवारिक आय गरीबी सीमा रेखा के दुगने आय सीमा (डीपीएल) [वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र के लिए 98,000/- रुपए वार्षिक तथा शहरी क्षेत्र के लिए 1,20,000/- रुपए वार्षिक से अधिक नहीं होनी चाहिए] ।
  • प्रशिक्षणार्थी ने (मंत्रालय/विभाग और सरकारी संगठन द्वारा चलाए जा रहे अथवा सहायता प्राप्त अथवा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा सहायता प्राप्त कंपनी/सोसाईटी/संगठन अथवा राज्य कौशल मिशन/राज्य कौशल निगम) के पाठ्यक्रम में दाखिला लिया होना चाहिए जिससे सरकारी संगठन अथवा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त/प्राधिकृत संगठन द्वारा प्रमाण- पत्र/डिप्लोमा/डिग्री इत्यादि प्राप्त हो सके ।
पाठ्यक्रम की पात्रता

प्रशिक्षणार्थी ने मंत्रालय/विभाग और सरकारी संगठन द्वारा चलाए जा रहे अथवा सहायता प्राप्त अथवा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा सहायता प्राप्त कंपनी/ सोसाईटी/ संगठन अथवा राज्य कौशल मिशन/राज्य कौशल निगम द्वारा चलाया जा रहा अथवा सहायता प्राप्त छ: माह अथवा उससे अधिक और दो वर्षो तक की अवधि का वोकेशनल शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम ।

आयु पात्रता

ऋण की पात्रता के लिए प्रशिक्षणार्थी की न्‍यूनतम आयु संबंधी कोई विशेष प्रतिबंध नहीं है। तथापि, यदि प्रशिक्षणार्थी अवयस्क है, माता पिता ऋण दस्तावेज निष्पादित कर सकते हैं। अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष है।

वोकेशनल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए शामिल किया गया व्यय
  • प्रवेश/ शिक्षा शुल्क,
  • परीक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला शुल्क,
  • कॉशन (Caution) डिपोजिट,
  • किताबें, औजार, उपकरण की खरीद,
  • आवास और भोजन
  • ऋण राशि का बीमा

वोकेशनल शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रमाणित पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक, अन्य कोई उपयुक्त व्यय । .

वित्तीय सहायता की प्रमात्रा

खर्चों को पूरा करने के लिए आवश्यक आधारित वित्त का 100% व्यय जो कि निम्नलिखित सीमा में हो:

  • छ : माह या उससे अधिक और एक वर्ष तक के पाठ्यक्रम के लिए :1,00,000/- तक
  • एक वर्ष से अधिक और दो वर्ष तक के पाठ्यक्रम के लिए :1,50,000/- तक
नोट: यदि लागत अधिक हो तो लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा।
ब्याज दर

एनएसएफडीसी, चैनलाइजिंग एजेंसी से 1.5% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित करेगा जो इसके बदले लाभार्थी से 4% वार्षिक प्रभारित करेगा। महिलाओं के मामले में ब्याज में 0.5% की छूट दी जाएगी।

विलंबन काल

पाठ्यक्रम पूरा होने अथवा रोज़गार पाने, जो भी पहले हो जाता है, के छ: माह बाद से ।

चुकौती
  • ऋण की चुकौती लागू छ: माह के विलंबन काल सहित तिमाही किश्तों में होगी।
  • छ: माह अथवा अधिक और एक वर्ष तक की अवधि के पाठ्क्रमों के लिए: 5 वर्ष
  • एक वर्ष से अधिक और दो वर्षो के पाठ्क्रमों के लिए: 7 वर्ष
संशोधित: Ratikanta Jena (ratikantajena2005@yahoo.co.in)
दिनांक: 03 November, 2016