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सामान्य

  1.   केवल वे ही लाभार्थी माने जाते हैं, जिन्होंने एनएसएफडीसीकी सहायता राशि से परिसंपत्तियां प्राप्त की हैं। 

  2.    लाभार्थियों की शेष बढ़ती संख्या, जिन्हें अर्जन करना है, को ध्यान में रखते हुए, विद्यमान/बीमार/बंद इकाइयों के लिए वित्तीय सहायता पर विचार नहीं किया जाएगा। 

  3.   लाभार्थियों को केवल एकं बार मियादी ऋण/पूरकं ऋण/आरंभिक पूंजी सहायता के अंतर्गत वित्तीय सहायता दी जाएगी। 

  4.     भूमि-आधारित योजनाओं को सम्मिश्रित योजना होना चाहिए तथा, केवल भूमि उपलब्ध कंराने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए।

  5.    परिवहन क्षेत्र योजनाओं के अधीन प्रति लाभार्थी/संस्था के लिए केवल एकं वाहन के लिए ही विचार किया जाएगा। ऐसे लाभार्थियों के लिए वाणिज्यिकं लाइसेंस की आनवार्य अपेक्षा होगी।

  6.   एनएसएफडीसीके निदेशकं मंडल द्वारा ऋण-नीति के किसी अथवा सभी प्रावधानों तथा इसके पर्यायों, विषय-वस्तु, आभप्राय और/या कार्यान्वयन की व्याख्या अंतिम एवं बाध्यकारी होगी।

  7.   एनएसएफडीसीका निदेशक मंडल समय-समय पर ऋण-नीति के निबंधन एवं शर्तों में परिवर्धन, प्रतिस्थापन, परिवर्तन और/या संशोधन कंर सकंता है।

  8. यदि कोई विवाद अथवा दावा एनएसएफडीसीऋण-नीति से उठता है या उसके अंतर्गत आता है तो सभी अन्य न्यायालयों के अपवर्जन में केवल दिल्ली के न्यायालयों का एकमात्र अधिकार क्षेत्र होगा।

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