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लाभार्थी अनुसूचित जाति समुदाय का होना चाहिए।
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लाभार्थी (लाभार्थियों) की ÌãããäÓãÇ㊠¹ãããäÀÌãããäÀ‡ãŠ आय गरीबी सीमा रेखा (डीपीएल) के दोगुने आय सीमा (वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 81,000/- रुपए वार्षिकं एवं शहरी क्षेत्रों के लिए 1,03,000/- रुपए वार्षिकं) से ‚ããä£ã‡ãŠ नहीं होनी चाहिए।
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लघु ऋण वित्त योजना अथवा महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत संवितरित ऋणों के मामलों को œãñ¡ü‡ãŠÀ, अन्य मामलों में पात्र व्यक्ति †¶ãûû †Ôãû †¹ãŠû û¡ãèû Ôããè केवल †‡ãŠ बार लाभ/वित्तीय सहायता तथा केवल †‡ãŠ इकाई/परियोजना के लिए सहायता प्राप्त ‡ãŠÀ¶ãñ ‡ãŠñ և㊪ãÀ होंगे। तदनुसार, लघु ऋण वित्त योजना अथवा महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत वितरित ऋणों को œãñ¡ü‡ãŠÀ, जिन्हें †‡ãŠ बार वित्तीय सहायता उपलब्ध ‡ãŠÀãƒÃ गई है, वे ãä‡ãŠÔããè उत्तरवर्ती सहायता के लिए पात्र नहीं होंगे चाहे संवितरित ऋण उनके द्वारा लौटाया गया हो या नहीं।
टिप्पणीः पात्रता कंसौटी के सत्यापन की जिम्मेदारी राज्य ÔããÀ¥ããè ‚ããä¼ã‡ãŠÀ¥ããñâ की होगी। तथापि, †¶ãûû †Ôãû †¹ãŠû û¡ãèû Ôããèû , यदि यह ऐसा चाहे तो आवेदकी की पात्रता को पुनः सत्यापित ‡ãŠÀ¶ãñ ‡ãŠã և㊪ãÀ ÖãñØããý
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