निधियों का सांकेतिक आवंटन
राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (SCAs) और अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (CAs) द्वारा एनएसएफडीसी की निधियों के संवितरण और उपयोग (अवशोषण) के लिए दिशानिर्देश।
एनएसएफडीसी अपने राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों/अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों को राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जाति की आबादी और उस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में पिछले वर्षों के दौरान राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों/अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों के प्रदर्शन के आधार पर निधियों का सांकेतिक रूप से आवंटन करता है।
प्रस्तावों को प्रायोजित करने और उपरोक्त आवंटन के उपयोग के लिए व्यापक दिशानिर्देश नीचे दिए गए हैं:
आवंटन दिशानिर्देश
3. संवितरण के लिए मानदंड
राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों/अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों को धन जारी करना निम्नलिखित विवेकपूर्ण मानदंडों (Prudential Norms) को पूरा करने के अधीन होगा:
- पर्याप्त सरकारी गारंटी/बैंक गारंटी की उपलब्धता।
- एनएसएफडीसी को देय कोई बकाया (overdues) नहीं होना चाहिए।
- निधियों के संवितरण के लिए पिछले महीने के अंत तक पहले के संवितरणों का संचयी उपयोग स्तर 100% होना चाहिए।
3.1 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के लिए अतिरिक्त मानदंड
एनएसएफडीसी द्वारा निधियों के संवितरण के लिए अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों) द्वारा निम्नलिखित अतिरिक्त मानदंडों का पालन किया जाना है:
- संवितरण के वर्ष से पूर्व के पिछले 6 वर्षों में से कम से कम 3 वर्षों में शुद्ध एनपीए (Net NPA) 15% से कम होना चाहिए।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक ने संवितरण के वर्ष से पूर्व के पिछले 6 वित्तीय वर्षों में से कम से कम 3 वर्षों में शुद्ध लाभ (net profit) कमाया हो।