कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और सतत विकास (एसडी) नीति
नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसएफडीसी)
1. प्रस्तावना
नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसएफडीसी) की स्थापना 8 फरवरी 1989 को कंपनी अधिनियम, 1956 (अब कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा-8 के अंतर्गत) के तहत एक ‘लाभ-निरपेक्ष’ कंपनी के रूप में हुई थी।
एनएसएफडीसी राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (एससीए) और अन्य चैनलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से अपने लक्षित समूह को आय अर्जक गतिविधियों के लिए रियायती ऋण प्रदान करती रही है, जिसका उद्देश्य गरीबी उन्मूलन और समृद्धि को बढ़ावा देना है। इस प्रकार, निगम की प्रमुख गतिविधि कंपनी अधिनियम, 2013 अर्जककी अनुसूची-VII में उल्लिखित गतिविधियों के अंतर्गत आती है।
निगम अपने "आय की व्यय पर अधिकता" से लक्षित समूह के कल्याण हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और विपणन सहायता सहित अन्य गतिविधियों को प्रायोजित कर रहा है। एनएसएफडीसी ने लाभ कमाने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) से सीएसआर निधि का लाभ उठाने का भी ठोस प्रयास किया है ताकि लक्षित समूह के लिए मुख्य रूप से दाता सीपीएसई के परिचालन क्षेत्रों में कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा सके।
2. कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास उद्देश्य
निगम के दृष्टिकोण के अनुरूप, एनएसएफडीसी अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास पहलों के माध्यम से अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास द्वारा गरीबी को व्यवस्थित रूप से कम करने के लिए परियोजनाओं का क्रियान्वयन जारी रखेगा। इस नीति को "एनएसएफडीसी-कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास नीति" कहा जाएगा और यह 1 अप्रैल, 2016 से प्रभावी होगी।
इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निगम एक एकसामाजिक रूप से उत्तरदायी कॉर्पोरेट संस्था के रूप में कार्य करे और इसके लिए वह:
क) अनुसूचित जाति के व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 5.00 लाख रुपये से अधिक नहीं है उनकी स्थायी आजीविका को बढ़ावा देने; और
ख) समग्र रूप से समाज के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान दे।
कॉर्पोरेट पहल
एक सामाजिक रूप से उत्तरदायी कॉर्पोरेट संस्था होने के नाते, एनएसएफडीसी निम्नलिखित पहल करेगी:
क) समावेशी विकास: समाज में समावेशी विकास और समान विकास को बढ़ावा देना, साथ ही अनुसूचित जाति के व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 5.00 लाख रुपये से अधिक नहीं है उनकी कौशल विकास और अन्य नवोन्मेषी पहलों के माध्यम से क्षेत्रीय एवं लैंगिक असमानताओं को कम करने को प्राथमिकता देना।
ख) पर्यावरणीय स्थिरता: पर्यावरण स्थिरता और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को उच्च प्राथमिकता देना और साथ ही हरित व्यापार पहलों को बढ़ावा देकर लक्षित समूह को गरीबी कम करने में सहायता करना।
ग) संगठनात्मक अखंडता: प्रकटीकरण और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के माध्यम से संगठनात्मक अखंडता और नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं को बढ़ावा देना।
3. रणनीतिक फोकस
लक्षित समूह में गरीबी को कम करना और अंततः समाप्त करना एनएसएफडीसी की मूलभूत आकांक्षा है। एनएसएफडीसी उन सीएसआर एवं एसडी परियोजनाओं को सहायता प्रदान करेगी जो अनुसूचित जाति के व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 5.00 लाख रुपये से अधिक नहीं है उनकी सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देती हैं।
एनएसएफडीसी ऐसे आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी जो पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ आय, लिंग और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने पर केंद्रित हो। एनएसएफडीसी इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए नवीन दृष्टिकोणों और साझेदारियों का उपयोग करेगी। इसके अतिरिक्त, सेवाओं के वितरण के लिए आंतरिक क्षमताओं और कार्यकुशलता में सुधार तथा एनएसएफडीसी और उसके सीएसआर भागीदारों की विकास प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए उपाय अपनाए जाएंगे।
एनएसएफडीसी व्यापक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करने हेतु सहयोगात्मक प्रयासों एवं संसाधनों का समेकन करेगी। एनएसएफडीसी सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों के लिए आवंटित बजट से अनुसूचित जातियों की उच्च सांद्रता वाले क्षेत्रों में अधिमानतः दीर्घकालिक, उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं को शुरू करने का प्रयास करेगी। एनएसएफडीसी सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों के लिए लाभ कमाने वाले सीपीएसई से सीएसआर निधि का लाभ उठाना जारी रखेगी।
4. शासन तंत्र एवं योजना
शासन तंत्र
सीएसआर एवं एसडी परियोजनाओं में बहुस्तरीय शासन तंत्र होगा। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व समिति:
- बोर्ड को सीएसआर एवं एसडी नीति का निर्माण कर उसे दिनेशक मंडल के अनुमोदन हेतु अनुशंसित करेगी, जिसमें एनएसएफडीसी द्वारा की जाने वाली गतिविधियों का उल्लेख होगा;
- गतिविधियों पर किए जाने वाले व्यय की राशि की अनुशंसा करेगी;
- समय-समय पर एनएसएफडीसी की सीएसआर एवं एसडी नीति की समीक्षा करेगी; और
- एनएसएफडीसी द्वारा संचालित सीएसआर एवं एसडी परियोजनाओं, कार्यक्रमों या गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए एक पारदर्शी निगरानी तंत्र स्थापित करेगी।
योजना
सीएसआर एवं एसडी योजनाओं की पहचान और निर्माण एनएसएफडीसी के सहयोगी संगठनों के सहयोग से किया जाएगा, जिनमें राज्य चैनलिंग एजेंसियां, चैनलिंग एजेंसियां, प्रशिक्षण भागीदार और अन्य विकास भागीदार शामिल हैं।
वार्षिक योजना में प्रस्तावित सीएसआर एवं एसडी गतिविधियाँ संबंधित मंत्रालयों द्वारा जारी प्रासंगिक अधिसूचनाओं/परिपत्रों के अनुरूप तैयार की जाएंगी। कर्मचारियों या उनके परिवारों को लाभ पहुँचाने वाली कोई भी परियोजना/कार्यक्रम सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों के अंतर्गत नहीं मानी जाएगी।
एनएसएफडीसी के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत संचालित गतिविधियॉं कंपनी अधिनियम की अनुसूची-VIII में सम्मिलित गतिविधियों से संबंधित होंगी।
5. बजट आवंटन
निदेशक मंडल यह सुनिश्चित करेगा कि एनएसएफडीसी प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत खर्च करे।
सीएसआर बजट निर्धारित करने के उद्देश्य से, "औसत शुद्ध लाभ" की गणना कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 198 के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। यदि एनएसएफडीसी निर्धारित राशि खर्च करने में विफल रहता है, तो निदेशक मंडल अपनी रिपोर्ट में उक्त राशि खर्च न करने के कारणों का उल्लेख करेगा।
सीएसआर हेतु और अप्रयुक्त धनराशि समाप्त नहीं मानी जाएगी तथा उसका उपयोग आगामी वर्षों की सीएसआर गतिविधियों में किया जाएगा।
6. कार्यान्वयन, मूल्यांकन, रिपोर्टिंग एवं सामान्य
कार्यान्वयन एवं निगरानी
कॉर्पोरेट कार्यालय में आंतरिक सीएसआर समिति द्वारा सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों का समन्वय किया जाएगा। यह समिति बोर्ड द्वारा गठित सीएसआर समिति के प्रति जवाबदेह होगी, जो सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों की देखरेख करेगी।
सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों के सभी प्रस्तावों की सर्वप्रथम जांच एनएसएफडीसी के सीएमडी द्वारा गठित आंतरिक सीएसआर समिति द्वारा की जाएगी। उपयुक्त पाए जाने की स्थिति में, प्रस्तावों को एनएसएफडीसी में उचित अनुमोदन प्रक्रिया के बाद विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष के दौरान सीएसआर कार्यक्रमों की स्थिति का विवरण निदेशकों की उप-समिति के समक्ष समीक्षा हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
मूल्यांकन
सीएसआर समिति द्वारा प्रत्येक छह माह में बोर्ड को सीएसआर एवं एसडी परियोजनाओं की प्रगति एवं स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
रिपोर्टिंग
- एनएसएफडीसी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में अपने सीएसआर एवं एसडी पहलों की समग्र उपलब्धियों को उजागर करेगी।
- एनएसएफडीसी अपनी सीएसआर एवं एसडी गतिविधियों को अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करेगी।
- कंपनी द्वारा अपनी वार्षिक आम बैठक में प्रस्तुत विवरणों के साथ एक संलग्नक होगा, अर्थात् निदेशक मंडल की एक रिपोर्ट जिसमें सीएसआर एवं एसडी पर बनाई और लागू की गई नीति और वर्ष के दौरान की गई पहलों का विवरण होगा।
सामान्य प्रावधान
- नीति के किसी भी प्रावधान के संबंध में और साथ ही इसमें शामिल न किए गए मामलों के संबंध में किसी भी संदेह की स्थिति में, एनएसएफडीसी के सीएमडी का निर्णय और व्याख्या अंतिम होगी।
- सीएसआर एवं एसडी नीति के किसी भी या सभी प्रावधानों को समय-समय पर सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा जारी सीएसआर एवं एसडी संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार संशोधित/परिवर्तित किया जा सकता है।