घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातियों/समुदायों (डीएनटी) के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजना (SEED) – आजीविका घटक
विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNTs) के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजना (SEED), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत कार्यरत विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के विकास एवं कल्याण बोर्ड (DWBDNC) की एक महत्त्वपूर्ण योजना है। इस योजना का उद्देश्य शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य एवं आजीविका संबंधी हस्तक्षेपों के माध्यम से विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू जनजातियों/समुदायों के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना है।
नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसएफडीसी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन DWBDNC की ओर से SEED योजना के आजीविका घटक के लिए क्रियान्वयन अभिकरण के रूप में कार्य कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 से यह योजना आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु तथा उत्तर प्रदेश राज्यों में कार्यान्वित की जा रही है।
योजना का आजीविका घटक लक्षित समुदायों को सतत आजीविका अर्जित करने में सक्षम बनाता है। इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन, क्षमता निर्माण, कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी लाभों एवं पात्रताओं, जैसे आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, प्रधानमंत्री जन धन योजना, पेंशन योजनाओं तथा जाति प्रमाण-पत्र आदि से भी जोड़ा जाता है।
परियोजना के अंतर्गत कुल 1,450 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के गठन हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें आंध्र प्रदेश में 150 SHGs, महाराष्ट्र में 300 SHGs, तमिलनाडु में 500 स्वयं सहायता समूहों तथा उत्तर प्रदेश में 500 SHGs सम्मिलित हैं।
यह परियोजना एनएसएफडीसी द्वारा 04 राज्यों के 28 जिलों में 08 सहयोगी एजेंसियों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।
राज्यवार कार्यान्वयन विवरण
| क्र. सं. | राज्य | एजेंसी का नाम | जिलों के नाम | SHGs लक्ष्य | गठित SHGs |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | आंध्र प्रदेश | एनआई-एमएसएमई | वाईएसआर कडप्पा, तिरुपति एवं चित्तूर | 150 | 150 |
| 2 | महाराष्ट्र | निर्माण बहुउद्देशीय संस्था | औरंगाबाद, बीड एवं जालना | 150 | 150 |
| नवचेतना सर्वांगीन विकास केंद्र | परभणी, उस्मानाबाद एवं अहमदनगर | 150 | 150 | ||
| 3 | तमिलनाडु | धन फाउंडेशन | चेंगलपट्टू, कडलूर, डिंडीगुल, कांचीपुरम, सलेम, तंजावुर, थेनी एवं तिरुवल्लुर | 400 | 400 |
| एमवाईआरएंडीए | इरोड एवं रामनाथपुरम | 100 | 100 | ||
| 4 | उत्तर प्रदेश | आगा खान फाउंडेशन | लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बहराइच एवं सीतापुर | 250 | 250 |
| अर्पण सेवा संस्थान | आगरा, मथुरा, मैनपुरी एवं फिरोजाबाद | 200 | 200 | ||
| द गोट ट्रस्ट | मिर्जापुर | 50 | 50 | ||
| कुल योग | 08 एजेंसियाँ | 28 जिले | 1450 | 1450 | |
इन प्रयासों के माध्यम से एनएसएफडीसी का उद्देश्य विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों को सतत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, पारंपरिक शिल्पों एवं आजीविका गतिविधियों का संरक्षण करना तथा समावेशी आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। यह पहल वंचित समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने के निगम के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है।